Monday, July 22, 2013

गुरु पूर्णमा के पावन पर्व पर गोवर्धन गिर्राज जी

गुरु पूर्णमा के पावन पर्व पर गोवर्धन गिर्राज जी में पधारे भक्तो का एक छोटा सा दृश्य आप सब मित्रो से अनुरोध हे । जो गिर्राज जी न आ सके हो मेरे साथ बोले गिर्राज धरन की जय ।
\गुरु पूर्णमा के पावन पर्व पर गोवर्धन गिर्राज जी में पधारे भक्तो का एक छोटा सा दृश्य आप सब मित्रो से अनुरोध हे । जो गिर्राज जी न आ सके हो मेरे साथ बोले गिर्राज धरन की जय । 
Deepak Kaushik
Abhishek Sharma (Govardhan)
 

 

Sunday, March 24, 2013

लट्ठामार होली, बरसाना

लट्ठामार होली, बरसाना
निश्छ्ल प्रेम भरी गालियां और लाठियां इतिहास को दोबारा दोहराते हुए नज़र आते हैं। बरसाना और नन्दगाँव में इस स्तर की होली होने के बाद भी आज तक कोई एक दूसरे के यहाँ वास्तव में कोई आपसी रिश्ता नहीं हुआ। आजकल भी यहाँ टेसू के फूलों से होली खेली जाती है, रसायनों से पवित्रता के कारण बाज़ारू रंगों से परहेज़ किया जाता है। अगले दिन नन्दबाबा के गाँव में छ्टा होती है। बरसाना के लोह-हर्ष से भरकर मुक़ाबला जीतने नन्दगाँव आयेगें। यहाँ गायन का एक बार फिर कड़ा मुक़ाबला होगा। यशोदा कुण्ड फिर से स्वागत का गवाह बनेगा, भूरा थोक में फिर होगी लट्ठा-मार होली।